प्राचार्य की कलम से

अपने क्षेत्र के अभिभावकों तथा उच्च शिक्षा के लिए संघर्षरत छात्रों के लिए यह एक सुखद सन्देश है कि अब उनके अपने क्षेत्र भगुवा-बवेरू (बाँदा) में स्व० गया प्रसाद महाविद्यालय भगुवा की स्थापना हो गयी है जिसे बुन्देलखण्ड वि० वि० झाँसी से बी.एड, बी.एस.सी., बी.ए. में सम्बद्धता प्राप्त है छात्र/छात्रायें इस संस्था में नियमित विद्यार्थी के रूप में प्रवेश लेकर अपने शैक्षिक भविष्य को आगे बढ़ा सकते हैं महाविद्यालय में प्रवेश सीटें नियमित है निधिक शिक्षा के क्षेत्र में पुस्तकालय की भूमिका महत्वपूर्ण बने इसके लिए छात्रों को अनुशासित वातावरण में पुस्तकालय का उपयोग भी आवश्यक है छात्र/छात्राओं के अध्ययन में कोई भी कठिनाई हो तो उसे हल करने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य के नाते मैं अर्द्धनिशकृत संकल्पित रहूँगा। अनुशासन शिक्षक की देवता, इन्सान को मानव एवं ज्ञान को अगृत बनाता है। इस अनुशासन रूपी अमृत का पान कर बालक बालिका अकालिज अमरस्त्त्वको प्राप्त करते हैं। आज के व्यवसायपरक वातावरण में आम समाज की तरह हमारी संस्थाओं में भी अराजकता, विभीषिका, और कानून को तोड़कर गैरकानूनी कार्यों को करने वालो तत्वों की संख्या बढ़ती जा रही है। मैं समस्त क्षेत्रवासियों से संकल्प लेता हूँ कि उनके इस महाविद्यालय को इस अराजकता का कारखाना नही बनने दूंगा एवं गुरु-शिष्य परम्परा को पुनः जीवित कर अनुशासन का सुरम्य वातावरण सृजित करूँगा।

महाविद्यालय में अनुशासित, शैक्षिक सांस्कृतिक वातावरण निर्माण में छात्रों अभिभावकों और साथी शिक्षकों के अमूल्य सहयोग का आकांक्षी हूँ।

प्राचार्य

स्व. गया प्रसाद महाविद्यालय, भभुवा (बाँदा)